Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1022

ध्यान · Meditation

शब्‍द पाय सुरति राखहि, सो पहुंच दरबार। कहैं कबीर तहां देखिये, बैठा पुरुष हमार।।