Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #104

सत्य · Truth

राम रहे बन भीतरे, गुरु की पूजा ना आस। रहे कबीर पाखण्ड सब, झूठे सदा निराश।।