Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1065

मृत्यु · Mortality

कबीर टुक टुक चोंघ्‍ज्ञता, पल पल गई विहाय। जिव जंजाले पड़‍ि रहा, दिया दमामा आय।।