Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1112

भक्ति · Devotion

स्‍वारथ सूका लाकड़ा, छांह बिहूना सूल। पीपल परमारथ भजो, सुख सागर को मूल।।