Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1144

समय · Time

कहत सुनत सब दिन गये, उरझि न सुरझा मन्‍न। कहैं कबीर चेता नहीं, अजहूं पहला दिन्‍न।।