Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
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Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1167
माया · Illusion
कागद केरी नावरी, पानी केरी गंग। कहै कबीर कैसे तिरै, पांच कुसंगी संग।।
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