Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #12

भक्ति · Devotion

दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय। जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे को होय॥