Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #122
माया · Illusion
जा करण जग ढ़ूँढ़िया, सो तो घट ही मांहि। परदा दिया भरम का, ताते सूझे नाहिं।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp