Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #123

भक्ति · Devotion

नहीं शीतल है चन्द्रमा, हिंम नहीं शीतल होय। कबीरा शीतल संत जन, नाम सनेही सोय।।