Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #130

भक्ति · Devotion

लगी लग्न छूटे नाहिं, जीभ चोंच जरि जाय। मीठा कहा अंगार में, जाहि चकोर चबाय।।