Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1300

कर्म · Action

जो कोई निन्‍दै साधु को, संकट आवै सोय। नरक जाये जन्‍मै मरै, मुक्ति कबहुं नहिं होय।।