Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1306
ज्ञान · Wisdom
निन्दक एकहु मति मिलै, पापी मिलै हजार। इस निन्दक के शीश पर, लाख पाप का भार।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp