Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1355

मृत्यु · Mortality

चहै अकास पताल जा, फोड़‍ि जाहु ब्रह्मण्‍ड। कहैं कबीर मिटिहै नहीं, देह धरे का दण्‍ड।।