Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1451

कर्म · Action

अंकूर ते बीज बीज ते अंकुर, अंकुर बीज संभारे। काया ते कर्म कर्म ते काया, कोई बिरला जना निखारे।।