Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1453
ध्यान · Meditation
अमृत की मोटरी, सिर सों धरे उतारि। ताहि कहैं मैं एक सो, कहे मोहिं चारि।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp