Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1480

आत्मचिंतन · Self-reflection

औरनि के समुझावते, जिभ्‍या परिगौ रेत। राशि बिरानी राखते, खयिनि घर का खेत।।