Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1508

वैराग्य · Detachment

गृह तज के भये उदासी, वन खंड तप के जाय। चोली थाके मारिया, बेरई चुनि चुनि खाय।।