Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1531
अहंकार · Ego
जाके चलते रौंदे परा, धरती होइ बेहाल। सो सावन्त घर में जरे, पंडित करहु विचार।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp