Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1576

आत्मचिंतन · Self-reflection

दर्पण केरी गुफा महं, सोनहा पैठे धाय। देखे प्रतिमा आपनी, भंकि भूंकि मरि जाय।।