Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1587
माया · Illusion
नव मन दुग्ध बटोरिके, टिपके भया विनास। दूध फाटि कांजी भया, हुआ घृतहु को नास।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp