Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1603
वैराग्य · Detachment
पानी ते अति पातला, धुआं ते अति छीनि। पवनुहु ते उतावला, दोस्त कबीरनि कीनि।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp