Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1606

मृत्यु · Mortality

पाव पलक की गमि नहीं, करे काल के साज। बीच अचानक मारिहैं, ज्‍यों तीतर कों बाज।।