Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1610

ज्ञान · Wisdom

हौं तो सब ही की कही, मो कहं कोइ न जान। तब भी अच्‍छा अब भी अच्‍छा, युग-युग होऊं न आन।।