Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1626
माया · Illusion
बिनु रसरी गृह खल बंधा, तासू बंधा अलेख। दीन्ह दर्पण हस्त मधे, चसम बिना का देख।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp