Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1647

मृत्यु · Mortality

मनुष्‍य जन्‍म दुर्लभ है, होय न दूजी बार। पक्‍का फल जो गिर परै, बहुरि न लागै डार।।