Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1651

माया · Illusion

माया के बस परे, ब्रह्मा विष्‍णु महेश। नारद सारद सनक सनन्‍दन, गौरी और गनेश।।