Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1748

भक्ति · Devotion

अंबर कुंजा करलियां, गरजि भर सब ताल। जिनि थैं गोबिंद बीछुटे, तिनके कौण हवाल।।