Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1749

भक्ति · Devotion

चकवी बिछुटी रैणि की, आइ मि‍ली परभाति। जे जन बिछुटे राम सूं, नां सुख धूप न छांह।।