Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1763

सत्य · Truth

जिहि सरि मारी काल्हि, सो सर मेरे मन बस्‍या। तिहि सरि अजहूं मारि, सर बिन सच पाऊं नहीं।।