Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #177
मृत्यु · Mortality
कबीर यह जग कुछ नहीं, खिन खारा मीठ। काल्ह जो बैठा भण्डपै, आज भसाने दीठ।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp