Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1798

ध्यान · Meditation

सायर नाहीं सीप बिन, स्‍वाति बूंद भी नाहिं। कबीर मोती नीपजै, सन्‍न‍ि सिषर गढ़ मांहिं।।