Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1800

आत्मचिंतन · Self-reflection

सूर समांणौं चंद में, दहूं किया घर एक। मन का चिता तब भया, कछू पूरबला लेख।।