Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1804
भक्ति · Devotion
पिंजर प्रेम प्रकासिया, अंतरि भया उजास। मुख कसतूरी महमहीं, बांणीं फूटी बास।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp