Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1873

ध्यान · Meditation

आगि कह्यां दाझै नहीं, जे नहीं चंपै पाइ। जब लग भेद न जांणिये, राम कह्या तौ काइ।।