Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1884

कर्म · Action

करम करीमां लिखि रह्या, अब कछू लिख्‍या न जाइ। मासा घटै न तिल बढ़ैं, जो कोटिक करै उपाइ।।