Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #189

आत्मचिंतन · Self-reflection

तन को जोगी सब करे, मन को बिरला कोय। सहजै सब विधि पाइये, जो मन जोगी होय।।