Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #1899
भक्ति · Devotion
चित चेतनि मैं गरक ह्व, चेत्य न देखैं मंत। कत कत की सालि पाड़िये, गल बल सहर अनंत।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp