Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1920

ध्यान · Meditation

सूरैं सार संबाहिया, पहरया सहज संजोग। अब कै ग्‍यांन गयंद चढ़‍ि, खेत पड़न का जोग।।