Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1924

भक्ति · Devotion

जिस मरनै से जग डरै, सो मेरे आनंद। कब मरिहूं कब देखिहूं, पूरन परमानंद।।