Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1930

भक्ति · Devotion

कबीर यह घर प्रेम का, खाला का घर नांहि। सीस उतारै हाथि करि, सो पैठ घर मांहि।।