Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1932

भक्ति · Devotion

सीस काटि पासंग दिया, जीव सरभरि लीन्‍हा। जाहि भावे सो आइ ल्‍यो, प्रेम हाट हम कीन्‍ह।।