Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #1957

भक्ति · Devotion

कबीर भाठी कलाल की, बहुतक बैठे आइ। सिर सौंपे सोई पिवै, नहीं तो पिया न जाइ।।