Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #200

गुरु · Guru

राम-नाम कै पटं तरै, देबे कौं कुछ नाहिं। क्या ले गुर संतोषिए, हौंस रही मन माहिं।।