Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #2001

भक्ति · Devotion

पीलक दौड़ी सांइयां, लोग कहै पिंड रोग। छांनै लंघण नित करै, राम पियारे जोग।।