Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #2070

माया · Illusion

कलि का स्‍वामीं लोभिया, मनसा धरी बधाइ। दैंहि पईसा ब्‍याज कों, लेखां करतां जाइ।।