Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #211

ज्ञान · Wisdom

भारी कहौं तो बहुडरौं, हलका कहूं तौ झूठ। मैं का जाणी राम कूं, नैनूं कबहूं न दीठ।।