Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #212

भक्ति · Devotion

कबीर कलिजुग आइ करि, कीये बहुत जो भीत। जिन दिल बांध्या एक सूं, ते सुख सोवै निचींत।।