Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #2120

समय · Time

शूरन सेंरी ताकई, नेजा घालै घाव। सब दल पाछा मोड़ि‍ के, माड़ी सेतो चाव।।