Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #2142

अहंकार · Ego

घटी बढी जानै नहीं, मनमें राखे जीत। गाडर लडै गयन्‍दसा, देखो उलटी रीत।।