Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
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Kabir Amritwani
कबीर दोहा #2168
माया · Illusion
कबिरा ये आंधरा, जैसी अंधी गाय। बछरा था सो मरि गया, ऊभी चाम चटाय।।
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